Hello India, Its my first post to my blog. (03/01/2012 7: 43 India Standard Time)
‘सोच और प्रयासों का सामंजस्य ही किसी सफल व्यक्ति को आगे भी सफल बने रहने की गारंटी देता है।’
सफल व्यक्ति के बच्चे तभी सफल बन सकते हैं, जबकि परिवार में सफलता को योग्यता और समझदारी से प्राप्त हुआ समझा जाए। अक्सर एक और दो-पीढ़ी तक सफलता पाने के लिए संघर्ष होता रहता है। तीसरी पीढ़ी उसे अपनी बपौती मानकर बैठ जाती है और यहीं से उसकी विफलता की कहानी शुरू हो जाती है। सफल व्यक्तियों की संतानें स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझते हुए हर स्थान पर मनमानी करती हैं।
हालांकि दागदार लोग भी सफल होते हैं, लेकिन एक दौर के बाद उनकी सफलता की चमक खो जाती है। सफलता स्थायी तभी रह सकती है, जब परिवारों में एकजुटता और समर्पण का भाव हो। इसके लिए बच्चों में बचपन से ही संयमित जीवनशैली और परिवार के साथ चलने की आदत डालनी चाहिए। संयमित जीवन शैली ही सफलता को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थायी बना सकती है।
(By: प्रेरक गुरु और साइकोलॉजी ऑफ विनिंग के लेखक डेनिस वेटली)